जीवन बीमा बीमांकन की प्रक्रिया किसी एकल व्यक्ति से संबंधित जोखिम के स्तर के आकलन, चयन, वर्गीकरण, मूल्यांकन, मापन और दर-निर्धारण तथा यह निर्णय लेने से सम्बद्ध रहती है कि उस जोखिम का चयन किया जाए या नहीं। यदि जोखिम चयन किया जाता है तो उसके स्वीकारण की शर्तों के बारे में निर्णय लिया जाता है।
बीमांकन कार्य-निष्पादन हेतु बीमा कंपनियां पेशेवरों की सेवाएं लेती हैं जिन्हें "बीमांकनकर्ता" कहा जाता है।
मृर्त्युता तालिका में दिये गये सांख्यिकीय आंकड़े यह संभाव्यता दर्शाते हैं कि किसी निश्चित व्यक्ति की आयु के आधार पर उसके अगले जन्मदिन से पहले उसकी मृत्यु हो जाएगी।
रुग्णता जोखिम तब उत्पन्न होता है जब किसी एकल व्यक्ति के बीमार पड़ने या किसी प्रतिकूल चिकित्सा स्थिति से ग्रसित हो जाने की उच्च संभावना होती है।
यदि बीमा कंपनियां किसी व्यक्ति से सम्बद्ध जोखिम को न्यून और मानक प्रीमियम दरों पर बीमायोग्य समझती हों तो तब उसे मानक जोखिम कहा जाता है।